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जो कोई जिस दशा में बुलाया गया हो, वह उसी में परमेश्वर के साथ रहे। (1 कुरिन्थियों 7:24)
जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है। (1 कुरिन्थियों 6:17)
आत्मा सब बातें, वरन् परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जाँचता है। (1 कुरिन्थियों 2:10)
जो कुछ तुम प्रार्थना करके माँगो, तो प्रतीत कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिये हो जाएगा। (मरकुस 11:24)
जो काम मैं अपने पिता के नाम से करता हूँ वे ही मेरे गवाह हैं। (यूहन्ना 10ः25)
जिसने मुझे भेजा है, हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है; वह रात आनेवाली है जिसमें कोई काम नहीं कर सकता। (यूहन्ना 9:4)
तुम स्वर्ग को खुला हुआ, और परमेश्वर के स्वर्गदूतों को मनुष्य के पुत्र के ऊपर उतरते और ऊपर जाते देखोगे। (यूहन्ना 1:51)
मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर थी, इसलिये राजा ने यह विनती स्वीकार कर ली। (नहेम्याह 2:8)
‘अब जो ऐसा सामर्थी है कि हमारी विनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है..’ (इफिसियों 3:20)